बाढ़ प्रभावित डिब्रु सैखोवा राष्टीय उद्यान से दो जंगली घोड़ा को बचाया गया ।वन विभाग कुम्भकर्णी निद्रा में


जोनाई , निज संवाददाता , 30 अगस्त :-
           डिब्रु सैखोवा राष्टीय उद्यान के तीन जंगली घोड़ा बाढ में खाद्य के अभाव में मृत्यु होने के बाद रविवार को बाढ़ की पानी में फंसे दो जंगली घोड़ा को मिसिंग स्वायत्तशासी परिषद के कार्यवाही सदस्य नरेश कुम्बांग के नेतृत्व में गये दल ने सूरक्षित निकाला। उक्त दोनों जंगली घोड़ा को जोनाई के अग्निशमन विभाग के कार्यालय में लाया गया। 

जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी के बिचोंबीच स्थित कबुछापरी में कुल पांच जंगली घोड़ा आश्रय लिए हुए थे । मगर लाली सियांग नदी के बढ़ते हुए जलस्तर और खाद्य के अभाव में तीन जंगली घोड़ा का मृत्यु हो गई और दो घोड़ा को सुरक्षित बचा लिया गया।

 मिसिंग स्वायतशासी परिषद के कार्यवाही सदस्य नरेश कुम्बांग के नेतृत्व में गये दल में एसडीआरएफ के जवानों , पशु चिकित्सा विभाग और प्राकृतिक प्रेमी लोगों ने हिस्सा लिया। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कार्यवाही सदस्य नरेश कुम्बांग ने बताया कि इस अभियान में जोनाई महकमा के वन विभाग के कर्मचारियों की अगुवाई करना था । मगर वन विभाग के कुंभकर्णी निंद्रा भंग नहीं हुई । जिससे स्थानीय लोगों वन विभाग की भुमिका से नाराज़ हैं।
बाढ़ प्रभावित डिब्रु सैखोवा राष्टीय उद्यान से दो जंगली घोड़ा को बचाया गया ।वन विभाग कुम्भकर्णी निद्रा में बाढ़ प्रभावित डिब्रु सैखोवा राष्टीय उद्यान से दो जंगली घोड़ा को बचाया गया ।वन विभाग कुम्भकर्णी निद्रा में Reviewed by Manoj Kr. Prajapati on August 30, 2021 Rating: 5
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